अस्मद्विषयेहमारे बारे मेंAbout Us

परिचयःपरिचयIntroduction

अस्मद्विषयेहमारे बारे मेंAbout Us

संस्थान भवनस्य प्रातीकात्मक चित्रम्

राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठानं सनातनसंस्कृतेः सार्वकालिकां चेतनां, अमूर्तं वैदिकं धरोहरं मन्त्रविज्ञानस्य प्रज्ञां च पुनर्जीवितं संवर्धितं च कर्तुं प्रतिबद्धम् अग्रणी पीठम् अस्ति। ऋषीणाम् अस्यां तपोभूमौ अस्माकं ध्येयम् अस्ति वैदिकमन्त्राणां महत्तां, वैज्ञानिकतां, तेषां व्यावहारिकानुप्रयोगान् च वैश्विकपटले पुनर्स्थापयितुम्। राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान सनातन संस्कृति की सार्वकालिक चेतना, अमूर्त वैदिक धरोहर और मन्त्र-विज्ञान की प्रज्ञा को पुनर्जीवित एवं संवर्धित करने हेतु प्रतिबद्ध एक अग्रणी पीठ है। ऋषियों की इस तपोभूमि पर हमारा ध्येय वैदिक मन्त्रों की महत्ता, वैज्ञानिकता और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करना है। Rajasthan Mantra Pratishthan is a leading institution committed to reviving and enriching the timeless consciousness of Sanatan culture, the intangible Vedic heritage, and the wisdom of mantra-science. On this land of the sages, our goal is to re-establish the significance, scientific basis, and practical applications of Vedic mantras on the global stage.

प्रतिष्ठानं वैदिकजीवनदृष्टेः विभिन्नायामानां संरक्षणाय प्रसाराय च समर्पितम् अस्ति: प्रतिष्ठान वैदिक जीवन-दृष्टि के विभिन्न आयामों के संरक्षण एवं प्रसार हेतु समर्पित है: The Pratishthan is dedicated to the preservation and dissemination of various dimensions of the Vedic worldview:

मन्त्रचिकित्सामन्त्र चिकित्सा (Mantra Therapy)Mantra Therapy

मन्त्राणां सूक्ष्मध्वन्यात्मकस्पन्दनैः (Sound Energy & Vibration) शारीरिक-मानसिक-आत्मिकरोगाणां निवारणाय प्रामाणिकाः शोधपराः प्रयासाः। मन्त्रों के सूक्ष्म ध्वन्यात्मक स्पंदन (Sound Energy & Vibration) के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रोगों के निवारण हेतु प्रामाणिक एवं शोधपरक प्रयास। Authentic, research-based efforts to relieve physical, mental, and spiritual ailments through the subtle sound energy and vibration of mantras.

धार्मिकानुष्ठानम्धार्मिक अनुष्ठानReligious Rituals

योग्यैः निष्ठावद्भिः वेदशास्त्रज्ञैः शास्त्रीयमर्यादाभिः, विशुद्धोच्चारणेन पूर्णविधिविधानेन च अनुष्ठानानां जपानां च सम्पादनम्। योग्य एवं निष्ठावान वेदशास्त्रज्ञों द्वारा शास्त्रीय मर्यादाओं, विशुद्ध उच्चारण और पूर्ण विधि-विधान के साथ अनुष्ठानों एवं जपों का सम्पादन। Rituals and chants performed by qualified, devoted Vedic scholars with scriptural discipline, pure pronunciation, and complete adherence to procedure.

वैदिकी कृषिःवैदिक कृषिVedic Agriculture

मन्त्रशक्त्या, प्राकृतिकघटकैः, गोसंवर्धनाधारितप्राचीनवैदिकपद्धतिभिः च विषमुक्त, पर्यावरणानुकूलं समृद्धं च कृषिं प्रोत्साहनम्। मन्त्र शक्ति, प्राकृतिक घटकों और गो-संवर्धन आधारित प्राचीन वैदिक पद्धतियों के माध्यम से विषमुक्त, पर्यावरण-अनुकूल और समृद्ध खेती को प्रोत्साहन। Promoting toxin-free, eco-friendly, and abundant farming through ancient Vedic methods based on mantra power, natural elements, and cow-based practices.

श्रौतं स्मार्तं यज्ञं चश्रौत एवं स्मार्त यज्ञShrauta & Smarta Yajna

श्रुतिस्मृतिग्रन्थैः प्रतिपादितानां दुर्लभश्रौत-स्मार्तयज्ञपरम्पराणां प्रामाणिकम् आयोजनं तेषां सूक्ष्मवैज्ञानिकप्रभावानां च जनजनं प्रति प्रसारः। श्रुति और स्मृति ग्रन्थों द्वारा प्रतिपादित दुर्लभ श्रौत (वैदिक) एवं स्मार्त यज्ञ-परंपराओं का प्रामाणिक आयोजन तथा उनके सूक्ष्म वैज्ञानिक प्रभावों का जन-जन तक प्रसार। Authentic conduct of rare Shrauta (Vedic) and Smarta yajna traditions taught by the Shruti and Smriti scriptures, and spreading their subtle scientific effects to the people.

पात्रप्रदर्शनीपात्र प्रदर्शनीRitual Artefact Exhibition

यज्ञीयपात्राणां, दुर्लभपूजासामग्रीणां, वैदिकोपकरणानां च विशेषप्रदर्शनी, या नवीनां पीढ़ीं समृद्धां याज्ञिकपरम्परां संस्कृतिं च प्रत्यक्षं ज्ञापयति। यज्ञीय पात्रों, दुर्लभ पूजा-सामग्रियों और वैदिक उपकरणों की विशेष प्रदर्शनी, जो नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध याज्ञिक परंपरा और संस्कृति का प्रत्यक्ष ज्ञान कराती है। A special exhibition of yajna vessels, rare puja materials, and Vedic instruments that gives the new generation direct insight into our rich ritual tradition and culture.

उद्देश्यानि उद्देश्य Objectives

अस्माकम् उद्देश्यानि हमारे उद्देश्य Our Objectives

प्रामाणिकपाठ-पाण्डुलिपिसंरक्षणम् प्रामाणिक पाठ एवं पाण्डुलिपि संरक्षण Authentic Text and Manuscript Conservation

शुद्धोच्चारण-कर्मकाण्डप्रशिक्षणम् शुद्ध उच्चारण एवं पौरोहित्य प्रशिक्षण Pure Pronunciation and Ritual Training

मन्त्रचिकित्सा-मानसिकस्वास्थ्यसंरक्षणम् मन्त्र चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य Mantra Therapy and Mental Health

शैक्षिक-प्रमाणपत्रपाठ्यक्रमः शैक्षणिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम Academic and Certificate Courses

डिजिटलग्रन्थालय-प्रकाशनविभागः डिजिटल पुस्तकालय एवं प्रकाशन Digital Library and Publication

कुलपति-सन्देशः कुलपति का संदेश Vice-Chancellor's Message

कुलपति महोदय का प्रातीकात्मक चित्र
“

वैदिकमन्त्राः केवलमुच्चारणमात्रेषु कर्मकाण्डेषु वा न परिसीमिताः, अपि तु जीवनस्य सन्तुलनसमृद्धिकराणि शाश्वतानि विज्ञानानि सन्ति। 'मन्त्रप्रतिष्ठानस्य' माध्यमेन अस्माकम् अयं दृढः सङ्कल्पो वर्तते यत् सर्वे छात्राः, अनुष्ठातारः, शोधकर्तारश्च वेदानां तन्त्र-मन्त्र-यन्त्राणां च मूलस्वरूपं तेषां व्यावहारिकोपयोगितां च अवगच्छेयुः। वयं तासाम् आर्षविद्यानां माध्यमेन सामाजिकसमुत्थानम् आधुनिकजीवनदर्शनं च संसृज्य एकं सशक्तं सेतुबन्धनं कुर्महे। वैदिक मन्त्र केवल उच्चारण या पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जीवन को संतुलित और समृद्ध करने का एक अकाट्य विज्ञान हैं। 'मन्त्र प्रतिष्ठान' के माध्यम से हमारा यही संकल्प है कि हर छात्र, अनुष्ठाता और शोधार्थी वेदों, तन्त्र-मन्त्र-यन्त्र के मूल स्वरूप तथा उनकी व्यावहारिक उपयोगिता को गहराई से समझ सके। हम इन प्राचीन विधाओं के माध्यम से सामाजिक उत्थान और आधुनिक जीवन-दर्शन के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण कर रहे हैं। Vedic mantras are not merely limited to recitation or rituals; rather, they are an undeniable science for balancing and enriching life. Through 'Mantra Pratishthana', our resolute vision is to enable every student, ritualist, and researcher to deeply comprehend the authentic essence of the Vedas, Tantra, Mantra, and Yantra, along with their practical utility. We are building a powerful bridge between societal upliftment and modern living philosophy through these ancient disciplines.

~ प्रो. मदनमोहन झा,
माननीय कुलगुरुः,
जगद्गुरुरामानन्दाचार्यराजस्थानसंस्कृतविश्वविद्यालयः,
जयपुरम्
प्रो. मदन मोहन झा,
माननीय कुलगुरु,
जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय,
जयपुर
Prof. Madan Mohan Jha,
Hon'ble Vice-Chancellor,
Jagadguru Ramanandacharya Rajasthan Sanskrit University,
Jaipur

पर्यधिसंरचना अवसंरचना Infrastructure

अस्माकं सुविधाः हमारी सुविधाएँ Our Facilities

ग्रन्थालयः

ग्रन्थालयः पुस्तकालय Library

यज्ञशाला

यज्ञशाला यज्ञशाला Yajnashala

श्रवणदृश्योपचारकक्षः

श्रवणदृश्योपचारकक्षः ए-वी थेरेपी कक्ष A-V Therapy Room

मन्त्रचिकित्सा कक्षः

मन्त्रचिकित्सा कक्षः मन्त्र-चिकित्सा कक्ष Mantra Therapy Room

पदाधिकारिणः प्रशासनं चपदाधिकारी एवं प्रशासनOfficers & Administration

प्रशासनम्प्रशासनAdministration

निदेशक महोदय का प्रातीकात्मक चित्र

प्रो. मदनमोहन झा प्रो. मदन मोहन झा Prof. Madan Mohan Jha

माननीय कुलपतिः माननीय कुलपति Hon’ble Vice-Chancellor

कुलसचिव महोदय का प्रातीकात्मक चित्र

डॉ. गुंजन सोनी डॉ. गुंजन सोनी Dr. Gunjan Soni

कुलसचिवः कुलसचिव Registrar

वरिष्ठ आचार्य का प्रातीकात्मक चित्र

डॉ. कुलदीप सिंह डॉ. कुलदीप सिंह Dr. Kuldeep Singh

मन्त्रप्रतिष्ठानस्य कार्यवाहकनिदेशकः मन्त्र प्रतिष्ठान के कार्यवाहक निदेशक Director of Mantra Pratishthan (Officiating)

पूजा-आरक्षणम्पूजा बुकिंगPuja Booking